Anti Ragging

महाविद्यालय में किसी भी प्रकार की रैगिंग पर पूर्ण निषेध है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार कोई भी छात्रा रैगिंग करते या इसके लिए किसी को प्रेरित करते हुए पाई गयी तो उसे नियमानुसार दण्ड देने की कार्यवाही की जायेगी।
Anti Ragging Cell
1. डॉ रेनू सक्सेना - 9997283990
2. डॉ अर्चना शुक्ला - 9411340240
3. डॉ एल्वी दास - 9837975766
4. डॉ तुलिका चन्द्रा - 9760269902
छात्राएं रैगिंग के बारे में उपरोक्त लिखित मोबाइल पर सम्पर्क कर सकती हैं।
निम्नलिखित को रैगिंग माना जाएगा:
1.  रैगिंग करने के लिए उकसाना
2.  रैगिंग करने के लिए अपराध षडयंत्र
3.  रैगिंग हेतु गैरकानूनी सभा एवं दंगा करना
4.  रैगिंग के दौरान सार्वजनिक उपद्रव करना
5.  रैगिंग के माध्यम से शालीनता एवं नैतिकता का उल्लंघन
6. रैगिंग शारीरिक नुकसान एवं गम्भीर चोट
7. अनुचित रूप से अथवा प्रतिबन्धित करना
8. अनुचित रूप से बंधक बनाना
9.  अपराधिक बल का प्रयोग करना
10. साथ ही आक्रमण अथवा यौन अपराध या अप्राकृतिक अपराध
11. जबरन वसूली
12. अपराधिक अतिक्रमण
13. सम्पत्ति के विरुद्ध अपराध
14. अपराधिक रूप से धमकाना
15. रैगिंग के शिकार अथवा शिकारों में उपरोक्त में से किसी अथवा सभी कृत्यों को करने का प्रयास
16.  रैगिंग की परिभाषा से जनित समस्त अपराध
17. सम्पत्ति के विरुद्ध अपराध
रैगिंग से संबन्धित दण्ड: 
संस्था की रैगिंग निरोधक समिति के अभिमत की स्थापित प्रकृति एवं गंभीरता के आधार पर संस्थागत स्तर पर रैगिंग के दोषी पाये गये व्यक्तियों को दिये दण्ड निम्न में कोई एक अथवा उसका समूह हो सकता है-
. प्रवेश निरस्त किया जाना
. कक्षा से निलम्बन
. छात्रवृत्ति तथा अन्य लाभ रोके रखना अथवा निरस्त करना
. किसी भी परीक्षा अथवा मूल्यांकन प्रक्रिया से वंचित करना
. परीक्षा परिणाम रोकना
. छात्रावास से निष्कासन
. निरस्तीकरण
. संस्था से एक से चार सेमेस्टर अवधि हेतु निष्कासन
. संस्थान से निष्कासन एवं तदोपरान्त अन्य किसी संस्था में प्रवेश से वंचित किया जाना
. रु. 25 हजार का जुर्माना
. जब रैगिंग का अपराध करने वाले व्यक्तियों को न पहचाना जाय तब सम्भावित रैगिंगकर्ताओं पर सामुदायिक दबाव बनाने हेतु संस्था सामूहिक दण्ड का प्रयोग करेगी।